विजय परेड: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया है. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर देश का नाम रोशन किया. इस जीत का जश्न पूरे देश में मनाया जा रहा है, लेकिन अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि महिला टीम की ‘विजय परेड’ कब होगी. हालाँकि, बीसीसीआई ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
विजय परेड पर बीसीसीआई ने क्या कहा?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि विजय परेड की अंतिम तारीख फिलहाल तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा, “विजय परेड की अभी योजना नहीं बनाई गई है. मैं और अन्य अधिकारी 4 से 7 नवंबर तक दुबई में होने वाली आईसीसी बैठक में भाग लेंगे. उसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा.”
इसका मतलब साफ है कि बीसीसीआई जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहता. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) तुरंत परेड आयोजित करके किसी भी दुर्घटना का खतरा नहीं उठाना चाहता.
क्या आरसीबी की विजय परेड से सबक लेगी बीसीसीआई?
दरअसल, इसी साल जून में आरसीबी ने अपना पहला आईपीएल जीता था. इसके बाद अगले दिन बेंगलुरु में विजय परेड का आयोजन किया गया. भारी भीड़ और अफरातफरी के कारण भगदड़ मच गई जिसमें कई लोगों की जान चली गई. बीसीसीआई अब महिला टीम की विजय परेड को लेकर वही गलती दोहराना नहीं चाहती.
ऐतिहासिक जीत पर देश में जश्न का माहौल
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने रविवार को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका को हरा दिया। शेफाली वर्मा (87), दीप्ति शर्मा (58) और स्मृति मंधाना (45) की शानदार पारियों ने भारत को 298 रनों के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया. जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम 246 रनों से ढेर हो गई.
यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास का स्वर्णिम क्षण बन गई। ये वही टीम है जिसने 47 साल के लंबे इंतजार को खत्म कर पहली बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती थी.
सैकिया ने एशिया कप ट्रॉफी के बारे में भी बात की
देवजीत सैकिया ने यह भी कहा कि एशिया कप ट्रॉफी का मुद्दा आईसीसी के सामने उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि भारत अपने ‘सम्मान और अधिकार’ के साथ ट्रॉफी वापस पाने की मांग करेगा।
दरअसल, 2025 एशिया कप फाइनल में भारतीय टीम ने नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद नकवी ने ट्रॉफी वापस ले ली और भारतीय खिलाड़ियों ने ट्रॉफी के बिना ही जश्न मनाया.