टी20 वर्ल्ड कप 2026: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले बांग्लादेश टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को मौका देने के फैसले पर बहस चल रही थी और अब बांग्लादेशी मीडिया से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. आईसीसी ने कथित तौर पर 100 से अधिक बांग्लादेशी पत्रकारों के मान्यता आवेदनों को खारिज कर दिया है, जिससे नया विवाद पैदा हो गया है।
130 से 150 पत्रकारों के आवेदन खारिज
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) मीडिया कमेटी के चेयरमैन अमजद हुसैन ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि 2026 टी20 वर्ल्ड कप के लिए 130 से 150 बांग्लादेशी पत्रकारों ने आवेदन किया था, लेकिन उनकी जानकारी के मुताबिक किसी को भी आईसीसी से मान्यता नहीं मिली.
अमजद हुसैन ने कहा, “जहां तक मुझे पता है, सभी बांग्लादेशी पत्रकारों के आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। इस साल 130 से 150 पत्रकारों ने आवेदन किया था, लेकिन किसी को भी मंजूरी नहीं दी गई।”
पहले मंजूरी दी, फिर अचानक रद्द कर दिया
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कुछ फोटो पत्रकारों को शुरुआत में मंजूरी दी गई थी, लेकिन फिर उनकी मान्यता भी रद्द कर दी गई। बांग्लादेशी पत्रकार मीर फरीद ने कहा कि उन्हें 20 जनवरी को आईसीसी के मीडिया विभाग से एक अनुमोदन ईमेल और वीजा समर्थन पत्र भेजा गया था। हालांकि, कुछ दिनों के बाद, एक और ईमेल आया जिसमें मेरा आवेदन खारिज कर दिया गया था।
उच्च स्तरीय पत्रकारों ने जताया विरोध.
बांग्लादेशी पत्रकारिता जगत में इस फैसले पर नाराजगी साफ नजर आ रही है. 1996 विश्व कप को कवर करने वाले पत्रकार आरिफुर रहमान बाबू ने कहा कि उन्हें भी इस बार पहचान नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि भले ही कोई टीम टूर्नामेंट में हिस्सा न ले, लेकिन आईसीसी के सहयोगी सदस्य देशों के पत्रकारों को आमतौर पर मान्यता मिल जाती है.
आरिफुर, जो बांग्लादेश स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट एसोसिएशन (बीएसजेए) के अध्यक्ष भी हैं, ने इस फैसले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर बांग्लादेश स्पोर्ट्स प्रेस एसोसिएशन (बीएसपीए) और बांग्लादेश स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट कम्युनिटी (बीएसजेसी) से बात करेंगे और भविष्य की रणनीति तय करेंगे।
ICC की चुप्पी सवाल उठाती है
फिलहाल, इस पूरे मामले पर आईसीसी मीडिया विभाग ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सच तो यह है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले यह विवाद गहराता नजर आ रहा है. बांग्लादेश-आईसीसी विवाद अब सिर्फ क्रिकेट तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि मीडिया और पत्रकारिता तक भी पहुंच गया है.