लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में इंग्लैंड ने 27 रनों से जीत हासिल की. मेजबान इंग्लैंड ने बेन डकेट की ‘ऐतिहासिक’ पारी (141 रन) की बदौलत 387 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था. जवाब में टीम इंडिया इतिहास रचने में नाकाम रही और निर्धारित ओवरों में 360 रन ही बना सकी. भारत की ओर से रोहित शर्मा ने 138 रन और विराट कोहली ने 74 रन बनाए, लेकिन दोनों हार का अंतर ही कम कर सके. हालांकि 388 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय टीम इंडिया इंग्लैंड से आगे थी. ऐसा लग रहा था कि आज भारतीय क्रिकेट का इतिहास बदल जाएगा, लेकिन आखिरी कुछ ओवरों में इंग्लैंड ने जीत हासिल कर ली. इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली.
रिकॉर्ड 388 रनों का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को कप्तान शुभमन गिल और ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा की बदौलत शानदार शुरुआत मिली. दोनों ने पहले विकेट के लिए 24.2 ओवर में 147 रन जोड़े. कप्तान गिल 84 गेंदों में 77 रन बनाकर आउट हुए. उनके बल्ले से 10 चौके और एक छक्का निकला.
इसके बाद रोहित ने विराट कोहली के साथ शतकीय साझेदारी की. दोनों एक साथ अपना 400वां मैच खेल रहे थे. इस ऐतिहासिक मैच में दोनों ने 21 तारीख को शतकीय साझेदारी की. भारत का दूसरा विकेट 39वें ओवर में 260 के स्कोर पर गिरा. रोहित शर्मा 110 गेंदों में 138 रन बनाकर आउट हुए. उन्होंने 17 चौके और 5 छक्के लगाए. यह लॉर्ड्स में भारतीय उपस्थिति का पहला शतक था।
रोहित के आउट होने के बाद भारत की उम्मीदें फिर धूमिल हो गईं लेकिन विराट कोहली अभी भी क्रीज पर थे. समय के साथ उन्होंने राह भी बदली, लेकिन इशान किशन के 12 गेंद में 14 रन और श्रेयस अय्यर के 00 रन पर आउट होने से उन पर दबाव बहुत ज्यादा हो गया. जब विराट 60 गेंदों में 74 रन बनाकर आउट हुए तो भारत की बची हुई सारी उम्मीदें भी खत्म हो गईं. विराट ने 4 चौके और 3 छक्के लगाए.
केएल राहुल आठ गेंदों में 12 रन और अक्षर पटेल तीन गेंदों में दो रन ही बना सके. गुरनूर बरार 14 गेंदों में 18 रन और अर्शदीप सिंह छह गेंदों में 15 रन बनाकर नाबाद लौटे। बरार ने एक चौका और एक छक्का लगाया। जबकि अर्शदीप ने तीन चौके लगाए.
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने अपनी कप्तानी में काफी चालाकी दिखाई. उन्होंने गेंदबाजी में अद्भुत बदलाव किये. सात ओवर फेंकने वाले जैकब बेथेल इंग्लैंड की जीत का मुख्य कारण बने, क्योंकि उनके अलावा सभी खिलाड़ियों पर भारतीय बल्लेबाज हावी रहे. इसके अलावा इंग्लैंड ने बेहतरीन फील्डिंग भी की, जो भारत की हार का कारण बनी.
बल्लेबाजी की शुरुआत में इंग्लैंड के लिए बेन डकेट ने 141 रन, जैकब बेथेल ने 91 रन और जो रूट ने नाबाद 74 रन बनाए. रूट तीन मैचों की पूरी सीरीज में अजेय रहे. उन्हें किसी भी खेल में बाहर नहीं किया गया। अंत में जोस बटलर ने 13 गेंदों में 41 रन बनाकर इंग्लैंड का स्कोर 400 के करीब पहुंचाया.
ये भी पढ़ें-
रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में शतक लगाकर तोड़े 5 बड़े रिकॉर्ड, हर रिकॉर्ड के साथ लिखा नया इतिहास