2026 टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ 61 रन से मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) और उसके नेताओं पर जमकर हमला बोला है. कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पाकिस्तान की हार के बाद अख्तर ने टीम की मैनेजमेंट रणनीति और बोर्ड के फैसलों पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
एबीपी न्यूज से बात करते हुए अख्तर ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट इस समय गलत दिशा में जा रहा है और इसके लिए बोर्ड की नीतियां जिम्मेदार हैं. उन्होंने पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी पर सवाल उठाए और कहा कि अगर नेतृत्व मजबूत नहीं होगा तो टीम के प्रदर्शन पर भी असर पड़ेगा.
“हम सितारे बनाकर खेल नहीं जीतते, बल्कि अपने प्रदर्शन से जीतते हैं”
अख्तर ने खास तौर पर उन सीनियर खिलाड़ियों पर संदेह जताया जिनके पास लंबे समय से टीम में लगातार मौके हैं, लेकिन अहम मैचों में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाते. उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ी बिना प्रदर्शन किए ही स्टार बन गए हैं और यही टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बन गई है.
पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज के मुताबिक चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और गलत फैसलों के कारण टीम का संतुलन बिगड़ रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी संगठन में अयोग्य व्यक्ति को बड़ी जिम्मेदारी देना सबसे बड़ी गलती है और इससे पूरी व्यवस्था प्रभावित होती है.
गलत व्यक्ति को जिम्मेदारी देने से नुकसान होता है
अख्तर ने कहा कि जब किसी अनुभवहीन या अयोग्य व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया जाता है तो इससे पूरे देश को नुकसान हो सकता है. उनके मुताबिक क्रिकेट बोर्ड में लिए गए फैसलों का असर अब सीधे मैदान पर देखने को मिल रहा है और टीम का मनोबल भी गिर रहा है.
ग्रुप ए में पाकिस्तान की स्थिति कमजोर है
भारत से हारने के बाद पाकिस्तान अब ग्रुप ए की अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है. टीम के खाते में फिलहाल 4 अंक हैं, जबकि अमेरिका भी इतने ही अंकों के साथ उनसे ऊपर है.
नामीबिया के खिलाफ जीवन या मृत्यु मैच
पाकिस्तान का अंतिम ग्रुप स्टेज मैच अब नामीबिया के खिलाफ खेला जाएगा। पाकिस्तान के लिए सुपर-8 में जगह बनाने के लिए ये मैच बेहद अहम है. अगर टीम यह मैच जीतने में नाकाम रहती है तो टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा हो सकता है.
भारत के खिलाफ लगातार खराब रिकॉर्ड और बोर्ड के अंदरुनी विवादों के बीच पाकिस्तान क्रिकेट टीम के सामने अब अपनी साख बचाने की बड़ी चुनौती है। अगला मैच तय करेगा कि टीम दबाव में बिखर जाती है या मजबूती से वापसी करती है।