भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरा मैच: भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही 3 मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मैच बुधवार, 14 जनवरी 2026 को राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेला गया। जिसमें टीम इंडिया को 7 विकेट से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. इस मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी रही. हालांकि, मध्य और निचले क्रम के बल्लेबाजों से कोई सहयोग नहीं मिला। इसके अलावा गेंदबाजी में भी भारतीय गेंदबाज कुछ खास नहीं कर सके. ऐसे में आइए जानते हैं टीम इंडिया की हार के 5 कारण क्या रहे.
इन 5 कारणों से टीम इंडिया राजकोट वनडे हारी
1. टीम इंडिया का मिडिल ऑर्डर फेल
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में टीम इंडिया की हार का मुख्य कारण मध्यक्रम में बल्लेबाजों की विफलता रही. शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने भारत को शानदार शुरुआत दी थी, लेकिन मध्यक्रम के दूसरे छोर पर केएल राहुल के होने से कोई अन्य बल्लेबाज टिक नहीं सका। इसके चलते टीम इंडिया का स्कोर 300 रन से नीचे रह गया.
2. भारतीय स्पिनर्स की नाकामी
राजकोट वनडे में भारत की हार का दूसरा सबसे बड़ा कारण गेंदबाजों की नाकामी रही. खासकर टीम इंडिया के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव बुरी तरह फ्लॉप रहे. कुलदीप ने अपने 10 ओवर के स्पेल में 82 रन दिए. इस दौरान उन्हें सिर्फ 1 विकेट मिला. सिर्फ कुलदीप ही नहीं, बल्कि रवींद्र जड़ेजा ने भी 8 ओवर में 44 रन दिए. स्पिनरों की इसी निराशाजनक गेंदबाजी के कारण भारतीय टीम दूसरा वनडे मैच नहीं बचा सकी.
3. भारतीय खिलाड़ियों का ख़राब तालमेल
भारतीय टीम की हार का तीसरा सबसे बड़ा कारण खराब फील्डिंग रही. इस मैच में प्रसिद्ध कृष्णा ने डेरिल मिशेल का कैच छोड़ा था, जब वह 80 रन के स्कोर पर खेल रहे थे. प्रसिद्ध कृष्णा का यह कैच छोड़ना भारत को महंगा पड़ा। इसके बाद मिशेल ने नाबाद 131 रन बनाकर न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई.
4. भारतीय गेंदबाज बीच में विकेट नहीं लेते.
दूसरे वनडे के बाद कप्तान शुबमन गिल ने खुद माना था कि मध्य ओवरों में खिलाड़ी एक भी विकेट नहीं ले पाने के कारण भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा. डेरिल मिचेल और विल यंग के बीच 162 रनों की शानदार साझेदारी हुई, जिसके कारण भारत मैच हार गया।
5. डेरिल मिशेल की शानदार शतकीय पारी
राजकोट वनडे में हार की एक बड़ी वजह डेरिल मिशेल की शानदार फॉर्म भी रही. डेरिल मिशेल ने पहले वनडे में अच्छा प्रदर्शन किया. दूसरे वनडे में भी मिशेल ने अपनी फॉर्म बरकरार रखी और विस्फोटक पारी खेली. खासकर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की और शतक जड़कर न्यूजीलैंड के लिए 285 रनों का लक्ष्य आसान कर दिया.