टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब करीब दो हफ्ते बचे हैं, लेकिन बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है. भारत में होने वाले मैचों को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के बीच तनाव जारी है। इस बीच बांग्लादेश टीम के कप्तान लिटन दास ने पहली बार इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
बांग्लादेश के कप्तान लिटन दास ने तोड़ी चुप्पी
मंगलवार को बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए लिटन दास से पूछा गया कि क्या राष्ट्रीय टूर्नामेंट की पिचें टी20 विश्व कप की तैयारी में मदद कर रही हैं। इस सवाल के जवाब में लिटन ने विश्व कप को लेकर मौजूदा अनिश्चितता की ओर इशारा किया और साफ कहा कि वह इस बारे में कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं. लिटन दास ने कहा, “क्या आप आश्वस्त हैं कि हम विश्व कप खेलने जा रहे हैं? मेरी तरफ से स्थिति स्पष्ट नहीं है। हर कोई भ्रमित है। अभी, पूरा बांग्लादेश अनिश्चितता में है। मैं समझता हूं कि आप क्या पूछना चाहते हैं, लेकिन उस सवाल का जवाब देना मेरे लिए सुरक्षित नहीं है।”
आईसीसी और बीसीबी आमने-सामने
दरअसल, बीसीबी ने आईसीसी से मांग की है कि 2026 टी20 विश्व कप में भारत में होने वाले उसके मैचों को श्रीलंका में स्थानांतरित कर दिया जाए. बोर्ड का कहना है कि भारत में टीम की सुरक्षा को लेकर चिंताएं हैं. हालांकि, आईसीसी इस मांग को मानने के मूड में नहीं दिख रही है और अब तक हुई कई बैठकों के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है.
बांग्लादेश सरकार का सख्त रुख
बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरूल पहले ही इस मामले पर कड़ा रुख अपना चुके हैं. उन्होंने साफ कहा है कि बांग्लादेश की टीम किसी भी हालत में भारत नहीं जाएगी. आईसीसी ने बीसीबी को 21 जनवरी तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अल्टीमेटम दिया है, लेकिन इस बात की संभावना कम है कि सरकार अपने रुख से पीछे हटेगी।
आसिफ नजरूल ने यह भी कहा कि अगर आईसीसी दबाव बनाकर बांग्लादेश पर अनुचित शर्तें थोपने की कोशिश करेगा तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले दिनों पाकिस्तान के भारत के पास नहीं जाने पर आईसीसी ने अपना मुख्यालय बदल लिया था, इसलिए बांग्लादेश की मांग को भी उसी आधार पर देखा जाना चाहिए.
क्या स्कॉटलैंड को मिलेगी एंट्री?
अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप से हटता है तो मौजूदा रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को उनकी जगह शामिल किया जा सकता है. फिलहाल पूरा मामला दांव पर है और क्रिकेट प्रशंसक आईसीसी के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं.