विश्व कप फाइनल: वर्ल्ड कप फाइनल में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया से हार गई है. इस तरह भारतीय टीम का तीसरी बार विश्व विजेता बनने का सपना टूट गया। ऑस्ट्रेलिया के सामने 241 रन का लक्ष्य था. ऑस्ट्रेलिया ने 43 ओवर में 4 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया. ऑस्ट्रेलिया की जीत के हीरो रहे ओपनर ट्रैविस हेड. दरअसल, एक समय ऑस्ट्रेलिया के तीन बल्लेबाज 48 रन पर पवेलियन लौट चुके थे, लेकिन ट्रैविस हेड और मार्नस लाबुशेन ने टीम इंडिया को कोई मौका नहीं दिया.
ट्रैविस हेड 120 गेंदों में 137 रन बनाकर नाबाद लौटे. उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके और 4 छक्के लगाए. जबकि मार्नस लाबुशेन ने 110 गेंदों में 58 रन बनाए. उन्होंने अपनी पारी में 4 चौके लगाए. ट्रैविस हेड और मार्नस लाबुशेन के बीच 192 रन की साझेदारी हुई. बहरहाल, हम टीम इंडिया की हार के पांच बड़े कारणों पर नजर डालेंगे.
ख़राब क्षेत्ररक्षण और चूके हुए अवसर
भारतीय बल्लेबाज 240 रन ही बना सके. ऐसे में भारतीय फील्डरों से सधी हुई फील्डिंग की उम्मीद थी. लेकिन बड़े मौके पर टीम इंडिया के फील्डरों ने निराश किया. भारतीय फील्डरों ने रन आउट के कई मौके गंवाए, उदाहरण के तौर पर रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा.
शमी, बुमरा, जड़ेजा- सारे खिलाड़ी निकले खोटे सिक्के.
इस विश्व कप में भारतीय गेंदबाजों ने काफी प्रभावित किया लेकिन खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के सामने असफल साबित हुए। जसप्रीत बुमराह के अलावा मोहम्मद शमी, रवींद्र जड़ेजा, मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव ने निराश किया. खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया के गेंदबाज औसत दर्जे के दिखे.
निराश बल्लेबाजों ने…खेले घटिया शॉट
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के बल्लेबाज नियमित अंतराल पर पवेलियन लौटते रहे. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया लेकिन टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने कई खराब शॉट खेलकर अपने विकेट दिए. टीम इंडिया के लिए केवल विराट कोहली और केएल राहुल ही पचास रन के आंकड़े तक पहुंच सके; इसके अलावा बाकी बल्लेबाजों ने नाकामी का प्रदर्शन किया.
भारतीय गेंदबाजों ने अतिरिक्त रन लुटाए
भारतीय गेंदबाजों ने काफी अतिरिक्त रन दिये. खासकर शुरुआती ओवरों में मोहम्मद शमी अपनी लाइन और लेंथ से भटकते नजर आए. इसके अलावा बाकी खिलाड़ियों का भी यही हाल रहा. टीम इंडिया के खिलाड़ी खराब लेंथ पर गेंदबाजी करते रहे; उदाहरण के तौर पर कंगारू बल्लेबाज आसानी से रन बनाते रहे. इसके अलावा गोलकीपर के तौर पर केएल राहुल ने मैदान पर कई गलतियां कीं. भारतीय गेंदबाजों ने 18 अतिरिक्त रन दिये. जिसमें 7 बाई और 11 वाइड शामिल हैं.
ट्रैविस हेड ने सभी अपेक्षाओं को पार कर लिया
भारत के 240 रन के जवाब में ऑस्ट्रेलिया के तीन बल्लेबाज 48 रन तक पवेलियन लौट गए लेकिन ट्रैविस हेड ने भारतीय उम्मीदों पर पानी फेर दिया. ट्रैविस हेड 120 गेंदों पर 137 रन बनाकर मोहम्मद सिराज की गेंद पर पवेलियन लौटे, लेकिन तब तक ऑस्ट्रेलिया की जीत पक्की हो चुकी थी. दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के 3 विकेट गिरने के बाद भारतीय फैंस की उम्मीदें जग गईं लेकिन ट्रैविस हेड ने कोई मौका नहीं दिया।
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