Abhi14

सुपर स्मैश: 23 मिनट में पूरा हुआ मैच, 48 घंटे में जीरो से हीरो बन गया न्यूजीलैंड का ये खिलाड़ी

सुपर क्रश: न्यूजीलैंड के घरेलू टी20 सुपर स्मैश टूर्नामेंट में क्रिकेट प्रशंसकों को एक बार फिर देखने को मिला कि खेल में समय कितनी तेजी से बदलता है। जिस खिलाड़ी का पिछला मैच बिना खाता खोले ख़त्म हुआ था वो 48 घंटे के अंदर टीम का सबसे बड़ा मैच विजेता बन गया. ये कहानी है न्यूजीलैंड के अनुभवी बल्लेबाज मार्टिन गप्टिल की, जिन्होंने महज 23 मिनट में मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया.

कैंटरबरी की कमजोर बल्लेबाजी

यह मैच कैंटरबरी और ऑकलैंड के बीच खेला गया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए कैंटरबरी की टीम कुछ खास नहीं कर पाई और 20 ओवर में 132 रन पर ही सिमट गई. बल्लेबाजों को ऑकलैंड के गेंदबाजों का सामना करने में संघर्ष करना पड़ा। कैंटरबरी के लिए लियो कार्टर ने सबसे ज्यादा 39 रन बनाए, लेकिन उनके अलावा कोई भी खिलाड़ी ज्यादा पारी नहीं खेल सका. छोटे नतीजे के कारण ऑकलैंड स्पष्ट रूप से मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है.

ऑकलैंड की तेज़ शुरुआत

133 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑकलैंड की टीम ने शुरू से ही आक्रामक रवैया अपनाया. शुरुआती बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और पांच ओवर में ही टीम का स्कोर 60 के पार पहुंच गया. हालांकि इस दौरान पहला विकेट गिरा, लेकिन इससे टीम की गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा.

मार्टिन गप्टिल की 23 मिनट की तूफानी पारी

पहला विकेट गिरने के बाद मार्टिन गप्टिल क्रीज पर आए. ये वही खिलाड़ी हैं जो दो दिन पहले खेले गए मैच में शून्य पर आउट हो गए थे. हालांकि इस मैच में गप्टिल का अंदाज बिल्कुल अलग था. उन्होंने आते ही महत्वपूर्ण शॉट खेलना शुरू कर दिया और कैंटरबरी के खिलाड़ियों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया.

गुप्टिल केवल 23 मिनट तक बॉक्स में रहे, लेकिन इतने समय में उन्होंने गेम पूरी तरह ख़त्म कर दिया. उन्होंने 15 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाए. इस छोटी लेकिन विस्फोटक पारी में उन्होंने 2 चौके और 4 छक्के लगाए. उनका स्ट्राइक रेट 260 का था, जो टी20 क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद खास माना जाता है.

आधे-आधे में जीतो

गुप्टिल की तेज़ बल्लेबाज़ी का असर ये हुआ कि ऑकलैंड ने जल्द ही लक्ष्य हासिल कर लिया. टीम ने महज 10.1 ओवर में मैच खत्म कर 9 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की. ये जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि गुप्टिल ने हीरो बनने की पूरी कहानी 48 घंटे में ही लिख दी थी.

Leave a comment