ISSF वर्ल्ड कप में भारत ने लहराया परचम.
भारत की युवा निशानेबाज सिमरप्रीत कौर ने आईएसएसएफ इंडिया विश्व कप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। क्वालीफाइंग में अच्छी शुरुआत के बाद उन्होंने फाइनल में अपनी शानदार फॉर्म बरकरार रखी और चीन और कोरिया के निशानेबाजों को हराया.
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वर्गीकरण में विदेशी निशानेबाजों का दबदबा
प्रतियोगिता क्वालिफिकेशन राउंड से शुरू हुई, जहां कोरिया और चीन के निशानेबाजों ने अपने अनुभव और निरंतरता की बदौलत शीर्ष स्थान हासिल किया। कोरिया का एक निशानेबाज रैपिड और प्रिसिजन दोनों राउंड में शानदार स्कोर करके पहले स्थान पर आया। वहीं, चीन के याओ कियानशुन मामूली अंतर से दूसरे स्थान पर रहे। जबकि तीसरा स्थान भी कोरिया के एक और प्रतिभाशाली खिलाड़ी को मिला.
इन दमदार प्रदर्शनों के बीच भारत की ईशा सिंह और सिमरप्रीत कौर ने भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. इन दोनों ने लगातार बेहतर शॉट लगाकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। क्वालीफाइंग में सिमरप्रीत का प्रदर्शन विशेष रूप से स्थिर और विश्वसनीय था, जिससे फाइनल में उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया।
फाइनल में सिमरप्रीत की बेहतरीन वापसी
फाइनल राउंड बेहद रोमांचक रहा. शुरुआती दौर में चीनी और कोरियाई निशानेबाज बढ़त पर थे, लेकिन जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़ता गया, सिमरप्रीत ने अपनी सटीकता और धैर्य से मैच का पूरा रुख बदल दिया। उन्होंने निर्णायक शॉट्स में लगातार हिट लगाए और अंतिम राउंड में बढ़त बनाकर फाइनल में जगह बनाई। उनकी लगातार सफलता ने उन्हें स्वर्ण पदक तक पहुंचाया।
जमीनी स्तर फाइनल मुकाबले में भारत की सिमरप्रीत कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता. उनके बाद कोरिया/चीन के निशानेबाज ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता, जबकि कोरिया/चीन के एक अन्य निशानेबाज ने कांस्य पदक जीता.
भारत के लिए बड़ी उपलब्धि
25 मीटर पिस्टल परीक्षण को आम तौर पर पारंपरिक रूप से चीन और कोरिया के प्रभुत्व वाला परीक्षण माना जाता है। ऐसे में भारतीय निशानेबाज के लिए इस प्रतियोगिता में गोल्ड पर कब्जा करना बेहद जरूरी है. टीम के कोचों ने सिमरप्रीत की तारीफ की और कहा कि सिमरप्रीत का आत्म-नियंत्रण और तकनीक बेहतरीन है. यह जीत उनके ओलंपिक अभियान की अच्छी शुरुआत है.