राख: ऑस्ट्रेलिया ने एशेज 2025 की शुरुआत अपने अंदाज में की है. 21 नवंबर को पर्थ में शुरू हुई इस ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज के पहले मैच में कंगारुओं ने इंग्लैंड को 8 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की. अब दोनों टीमें दूसरे टेस्ट के बारे में सोच रही हैं, जो आज 29 नवंबर को कैनबरा के मनुका ओवल में खेला जाएगा। इंग्लैंड इस मैच को किसी भी कीमत पर पलटना चाहेगा, वहीं ऑस्ट्रेलिया अपनी बढ़त मजबूत करने के मूड में नजर आएगी। इससे पहले आइए दोनों टीमों के बीच 140 साल पुरानी प्रतिद्वंद्विता पर एक नजर डालते हैं.
राख का इतिहास
एशेज श्रृंखला दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे रोमांचक क्रिकेट प्रतिद्वंद्विताओं में से एक है। 1882 से शुरू हुई इस ऐतिहासिक सीरीज में करीब 143 साल का सफर पूरा हो चुका है. इस दौरान ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों टीमों ने 346-346 टेस्ट मैच खेले हैं. अब तक के समग्र परिणामों के व्यापक सारांश से पता चलता है कि ऑस्ट्रेलिया ने एशेज क्षेत्र में स्पष्ट रूप से अपना प्रभुत्व बनाए रखा है।
ऑस्ट्रेलिया का दबदबा कायम है
आंकड़ों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया ने 346 एशेज मैचों में से 143 टेस्ट जीते हैं. इतने लंबे समय तक शानदार और लगातार प्रदर्शन करने के बाद टीम का जीत-हार का अनुपात 1.300 का रहा है. इससे पता चलता है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दबाव में भी मजबूत और संतुलित खेल खेला है.
ऑस्ट्रेलिया का जीत प्रतिशत 41.32% है, जो इंग्लैंड से काफी बेहतर है। खास बात यह है कि इतने लंबे समय में एक भी मैच टाई नहीं हुआ और न ही कोई मैच बिना नतीजे (एनआर) के खत्म हुआ।
इंग्लैण्ड की स्थिति
दूसरी ओर, इंग्लैंड ने भी इतने ही मैच (346) खेले, लेकिन टीम सिर्फ 110 मैच ही जीत सकी. इंग्लैंड की जीत का प्रतिशत 31.79% रहा है, जबकि उनकी हार का प्रतिशत 41.32% रहा है, जो ऑस्ट्रेलिया के बिल्कुल विपरीत है।
इंग्लैंड का जीत-हार का अनुपात (W/L) 0.769 रहा है, जिससे पता चलता है कि 140 साल की इस लंबी लड़ाई में इंग्लिश टीम लगातार कहीं न कहीं संघर्ष करती नजर आ रही है.