नरेंद्र मोदी स्टेडियम का इतिहास: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2023 विश्व कप का फाइनल मैच अहमदाबाद के मोटेरा स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। दुनिया का यह सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम, जो आज नरेंद्र मोदी स्टेडियम के नाम से मशहूर हो गया है, कभी सरदार पटेल स्टेडियम के नाम से जाना जाता था। इसे गुजरात स्टेडियम और मोटेरा स्टेडियम भी कहा जाता था। यह स्टेडियम पहली बार 1982 में बनकर तैयार हुआ था।
इसके निर्माण के दो साल बाद यानी 1984 में इस मैदान पर पहली बार एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला गया था. ठीक 39 साल पहले हुए इस मैच में भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आमने-सामने थीं. भारतीय टीम इस मैच में विश्व विजेता बनकर उतरी थी. 1983 विश्व कप जीतने के बाद मेरा हौसला बुलंद था। घरेलू मैदान और भारतीय प्रशंसकों की भीड़ से भारतीय टीम को फायदा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सभी अनुमानों को गलत साबित कर दिया और यहां एकतरफा जीत हासिल की।
रवि शास्त्री और रोजर बिन्नी की सदी की साझेदारी
सरदार पटेल स्टेडियम में खेले गए इस पहले वनडे इंटरनेशनल मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान किम ह्यूज का फैसला यहां गलत साबित हुआ और भारतीय ओपनिंग जोड़ी ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की. रवि शास्त्री और रोजर बिन्नी के बीच 104 रन की मजबूत साझेदारी हुई. इसी कुल योग में रोजर बिन्नी टॉम होगन का शिकार बने. वह 57 रन बनाकर पवेलियन लौटे. बिन्नी के आउट होने के बाद पूरी भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई.
कपिल देव और कीर्ति आज़ाद ने पारी को संभाला
बिन्नी के विकेट के बाद रवि शास्त्री (45) भी जल्द ही पवेलियन लौट गये. जल्द ही दिलीप वेंगसरकर (14), संदीप पाटिल (3) और कप्तान सुनील गावस्कर (4) भी चलते बने. भारतीय टीम ने 145 रन के अंदर पांच विकेट खो दिए थे. एक छोर पर कपिल देव जरूर तेज बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन वह भी 28 रन बनाकर आउट हो गए. अब भारतीय टीम 161 रन पर 6 विकेट खो चुकी थी. हालांकि, यहां से कीर्ति आजाद (39) और मदनलाल (6) ने 45 रनों की नाबाद साझेदारी की और भारतीय टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
एलन बॉर्डर ने दिलाई जीत
ये मैच सिर्फ 46-46 ओवर का था. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 6 विकेट खोकर 206 रन बनाए. जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भी अच्छी शुरुआत की. पहले विकेट के लिए 67 रन जोड़ने के बाद ग्रीम वुड (32) रन आउट हो गए. उनके साथी केपलर वेसल्स (42) भी 89 के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए. यहां से एलन बॉर्डर ने कप्तान किम ह्यूज (29) के साथ 73 रन की साझेदारी कर ऑस्ट्रेलिया की स्थिति मजबूत कर दी. इसके बाद उन्होंने ग्राहम यालोप (32) के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई.
एलन बॉर्डर ने 90 गेंदों पर 62 रनों की नाबाद पारी खेली. इस तरह ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 44वें ओवर में ही 7 विकेट से जीत हासिल कर ली. 25 रन देकर तीन विकेट लेने वाले ज्योफ़ लॉसन ‘मैन ऑफ़ द मैच’ रहे.
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