भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका दूसरा टी20I: साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहला टी20 जीतकर बढ़त लेने वाली टीम इंडिया दूसरे मैच में पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई. न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर में खेले गए मैच में भारत 51 रन से हार गया और सीरीज अब 1-1 से बराबर है। इस हार के बाद सोशल मीडिया पर टीम इंडिया की जमकर आलोचना हो रही है. आखिर किन कारणों से भारत की आसान जीत के बावजूद मैच हार गया? आइये विस्तार से समझते हैं.
अर्शदीप सिंह की बेहद खराब गेंदबाजी
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का यह मैच पूरी तरह से भूलने लायक था. उन्होंने चार ओवर में 54 रन दिए और एक भी विकेट नहीं लिया. इस मैच में उन्होंने 13.50 की इकोनॉमी से गेंदबाजी की. इतना ही नहीं अर्शदीप ने एक ही बार में 7 वाइड गेंदें फेंकी! अर्शदीप ने एक ही ओवर में 13 गेंदें फेंककर शर्मनाक टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. भारत की पारी में कुल 16 ओपन गेंदें थीं, जिससे अतिरिक्त 22 रन बने। इतने सारे स्कोर वाले खेल में इतने अतिरिक्त रन देना सीधे तौर पर हार का कारण बन गया. आखिरी 10 ओवर में गेंदबाजों ने 123 रन लुटा दिए.
शुरुआती जोड़ी ने फिर निराश किया
अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की ओपनिंग जोड़ी से काफी उम्मीदें थीं लेकिन दोनों मैचों में निराशा हाथ लगी. गिल अपना खाता भी नहीं खोल सके और पहली ही गेंद पर चलते बने. अभिषेक शर्मा भी 17 रन बनाकर आउट हो गए. लगातार दो मैचों में खराब शुरुआत से टीम पर भारी दबाव आ गया। जब लक्ष्य इतना बड़ा हो तो सलामी बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने से लक्ष्य का पीछा करना लगभग असंभव हो जाता है। भारतीय शीर्ष क्रम विफल रहा, जिससे मध्यक्रम पर बोझ बढ़ गया.
कप्तान सूर्यकुमार की ख़राब पारी
पहले मैच में सूर्या का यह दांव काम कर गया था, लेकिन दूसरे मैच में उनकी रणनीति पर सवाल खड़े हो गए. गेंदबाजी में बदलाव, पिच तैयार करना, डेथ ओवरों की योजना बनाना, टीम कई जगहों पर लड़खड़ाती नजर आई। बतौर कप्तान जब टीम संकट में थी तो सूर्या खुद सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए. लगातार दो मैचों में असफल होने के बाद उनकी आलोचना तेज हो गई है.
गेंदबाज़ों की नाकामी भी अहम रही
अर्शदीप के साथ-साथ जसप्रित बुमरा भी बेअसर रहे. उन्होंने चार ओवर में 45 रन दिए और उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला. खास बात ये है कि उन्होंने उनकी गेंदों पर चार छक्के लगाए, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल और रवींद्र जड़ेजा भी दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रहे.