संजू सैमसन ने कम रन बनाने के बावजूद सुपर-8 टेस्ट पास कर लिया. जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 मैच में उन्होंने 24 रन बनाए. उन्हें रिंकू सिंह की जगह प्लेइंग इलेवन में लाया गया. सैमसन को लेकर काफी हाइप थी, लेकिन इस बार भी वह 15 गेंदों में सिर्फ 24 रन ही बना सके. लेकिन 24 रन की पारी खेलने के बाद भी उन्होंने कुछ हद तक वो काम किया जिसके लिए उन्हें प्लेइंग इलेवन में लाया गया था. जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 मैच में अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन ने पारी की शुरुआत की.
24 रन बनाने के बाद भी ऐसा हुआ, कैसे?
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अब तक भारतीय टीम की शुरुआत लगातार खराब रही. इसकी मुख्य वजह अभिषेक शर्मा की खराब फॉर्म रही. अब तक पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक बार ही भारत की ओपनिंग जोड़ी 10 से ज्यादा रन बना पाई है. नामीबिया के खिलाफ भारत के ओपनिंग बल्लेबाजों ने 25 रन तो जोड़े, लेकिन इसके अलावा ओपनिंग जोड़ी हर मैच में 10 रन का आंकड़ा भी नहीं छू सकी.
संजू सैमसन ने अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर जिम्बाब्वे के खिलाफ 48 रन जोड़े. दोनों ने मिलकर 3.4 ओवर में 48 रन बनाए, जो इस वर्ल्ड कप में भारत के ओपनिंग बल्लेबाजों की सबसे बड़ी साझेदारी है. सैमसन ने 15 गेंदों की अपनी पारी में 1 चौका और 2 छक्के लगाए.
संजू सैमसन को इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के सभी 5 मैचों में ओपनिंग करने का मौका मिला था. लेकिन वे 5 पारियों में सिर्फ 46 रन ही बना सके. नामीबिया के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच में उन्होंने 8 गेंदों में 22 रन बनाए. उनके खराब फॉर्म के कारण उन्हें अंतिम एकादश में कोई मौका नहीं मिला। जिम्बाब्वे के खिलाफ भी उन्होंने सिर्फ 24 रन बनाए, लेकिन उन 24 रनों ने वो प्रभाव छोड़ा जिसकी भारतीय टीम को जरूरत थी.
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