भारत के पूर्व उद्घाटन हिटर, शिखर धवन, एड के कार्यालय में पहुंच गए हैं। उनका नाम ऑनलाइन दांव के आवेदन से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उभरा है। कॉन्फ़िगरेशन पता (ED) ने इसे पूछताछ करने और अनुरोध करने के लिए कहा कि जांच में शामिल हो। धवन चौथे भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी होंगे जो इस मामले में ईडी शोध का सामना करते हैं। इससे पहले, सुरेश रैना, युवराज सिंह और हरभजन सिंह से भी एड से पूछताछ की गई थी।
मामला क्या है?
यह पूरा मामला 1xbet नामक ऑनलाइन दांव के आवेदन से संबंधित है। भारत में, दांव बजाना अवैध माना जाता है, लेकिन इस एप्लिकेशन ने लोगों को सामाजिक नेटवर्क और विज्ञापनों के माध्यम से तोड़ने के लिए आकर्षित करने की कोशिश की है। यह आरोप लगाया गया है कि कई भारतीय क्रिकेट्स ने भी इस आवेदन को बढ़ावा दिया है। अब आपातकालीन विभाग जांच कर रहा है कि क्या इन खिलाड़ियों ने पदोन्नति के दौरान कुछ अवैध गतिविधि में भाग लिया था।
धवन सवाल क्यों करते हैं?
ईडी का मानना है कि शिखर धवन ने सोशल नेटवर्क के माध्यम से इस एप्लिकेशन को बढ़ावा दिया। अनुसंधान एजेंसी यह पता लगाना चाहती है कि इस पदोन्नति में धवन की भूमिका क्या थी, बदले में क्या भुगतान प्राप्त हुआ था और यदि इस पैसे का लिंक मनी लॉन्ड्रिंग के साथ है।
धवन द्वारा पूछे गए प्रश्न मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर आधारित होंगे।
-क्या इस एप्लिकेशन प्रॉम्प्ट किसमें?
-क्या कई को बहुत पैसा कैसे दिया गया?
क्या आप जानते हैं कि यह आवेदन भारत में अवैध है?
कई क्रिकेट खिलाड़ी पहले फंस गए
शिखर धवन से पहले, युवराज सिंह, सुरेश रैना और हरभजन सिंह से इस मामले में पूछताछ की गई है। इन खिलाड़ियों ने भी अलग -अलग समय पर इस एप्लिकेशन को बढ़ावा दिया। हालांकि, अब तक किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ कोई महत्वपूर्ण उपाय नहीं किया गया है।
इस प्रकार क्या है?
अब सभी की नजरें यह होगी कि शिखर धवन ईडी के सामने क्या बयान देते हैं और अगर जांच के बाद उनके खिलाफ कंक्रीट के कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, आपातकालीन विभाग यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रहा है कि खिलाड़ियों की भागीदारी केवल विज्ञापन तक सीमित थी या इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा भी थी।