भारत से मिली 61 रन की हार के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी बाबर आजम और शाहीन शाह अफरीदी की टीम से छुट्टी हो सकती है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी टीम के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं. उन्होंने अपनी नाराजगी का संदेश टीम डायरेक्टर नावेद अकरम चीमा को दे दिया है. कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में मैच के दौरान राष्ट्रपति स्टेडियम छोड़कर चले गए। भारत के खिलाफ खेले गए इस अहम मुकाबले में बाबर और शाहीन दोनों उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके. शाहीन ने 2 ओवर फेंके और 31 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया. जबकि बाबर आजम सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए. बाबर इस वर्ल्ड कप में सिर्फ 66 रन ही बना सके. टी20 वर्ल्ड कप में बाबर आजम का प्रदर्शन अब तक औसत दर्जे का रहा है. उन्होंने टूर्नामेंट के 3 मैचों में केवल 66 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 46 रन है, जो उन्होंने अमेरिका के खिलाफ बनाया था. बाबर इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के दूसरे सबसे बड़े स्कोरर हैं. उनसे आगे सिर्फ साहिबजादा फरहान हैं, जिन्होंने 120 रन बनाए हैं. शाहीन अब तक सिर्फ 3 विकेट ही ले पाए हैं. शाहीन शाह अफरीदी की गेंदबाजी भी इस विश्व कप में प्रभावी नहीं रही है. वह अब तक सिर्फ 3 विकेट ही ले पाए हैं. इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 28 रन देकर 1 विकेट रहा. शाहिद अफरीदी ने कहा, इन दोनों को फेंक दो. भारत के खिलाफ हार के बाद पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने सीनियर खिलाड़ियों को बाहर करने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी काफी समय से खेल रहे हैं, लेकिन उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास हासिल करने के लिए नामीबिया के खिलाफ नए खिलाड़ियों को मौका दिया जाना चाहिए. आपको बता दें कि शाहीन अफरीदी, शाहिद अफरीदी के दामाद हैं। शोएब अख्तर- जो काम नहीं करता, उसे कुर्सी क्यों दें? पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने टीम के खराब प्रदर्शन के साथ-साथ पीसीबी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. खासकर अध्यक्ष मोहसिन नकवी को संबोधित करते हुए अख्तर ने कहा, जो इस काबिल नहीं है उसे जबरदस्ती कुर्सी पर क्यों बैठाया जाए? मोहम्मद यूसुफ – इन खिलाड़ियों का समय ख़त्म हो गया है. पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि अब इन खिलाड़ियों का समय खत्म हो गया है और टी-20 टीम में नए चेहरों को आजमाने का समय आ गया है. कमजोर टीमों को हराना ही काफी नहीं होगा, मजबूत टीमों के खिलाफ कार्रवाई भी जरूरी है. नामीबिया से हारकर पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो सकता है. भारत से हार के बाद अब पाकिस्तान के लिए नामीबिया के खिलाफ करो या मरो की लड़ाई हो गई है. अगर टीम यह मैच हार जाती है तो उनका टूर्नामेंट से बाहर होना तय माना जा रहा है.