स्ट्रॉन्ग वुमन ऑफ इंडिया का खिताब जीतने वाली पंजाब के मोगा की संदीप कौर गरीब परिवारों की बेटियों को ट्रेनिंग देकर सशक्त बना रही हैं। संदीप कौर लुधियाना के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स में अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टरों को तैयार करने में व्यस्त हैं। अब तक, इसने तीन अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलक तैयार किए हैं जिन्होंने देश के लिए पदक जीते हैं। मोगा के एक छोटे से शहर कोट इस्से खान की रहने वाली संदीप कौर खुद अंतरराष्ट्रीय मंच पर वेटलिफ्टिंग और पावरलिफ्टिंग में पदक जीत चुकी हैं। वह अब पंजाब की बेटियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने में जुटी हैं। एक प्रशिक्षक के रूप में प्रकाशित, संदीप न केवल हमें वजन उठाना सिखाते हैं बल्कि कठिन परिस्थितियों से उबरना भी सिखाते हैं। राजमिस्त्री की बेटी कैसे बनी गोल्ड मेडलिस्ट तैयार करने वाली कोच, आप तो जानते ही हैं… सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, लड़कियों को हर खेल में आगे बढ़ना चाहिए। संदीप कहते हैं कि लोग अक्सर क्रिकेट के पीछे ही भागते हैं, लेकिन कबड्डी और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में अपार संभावनाएं हैं। वह कहती हैं कि शादी के बाद भी मैं अपने जुनून को जी रही हूं। लड़कियों को समझना होगा कि शारीरिक फिटनेस सिर्फ पदक जीतने के लिए ही नहीं बल्कि अपनी ताकत को पहचानने के लिए भी जरूरी है। परिवार का मिला सहयोग: संदीप ने कहा कि मेरे परिवार वालों ने हमेशा मेरा साथ दिया है। मेरे पिता मुझे अपना बेटा मानते थे और अगर मुझे कभी उनसे रजत पदक मिलता तो वे कहते कि इस बार मैंने कम मेहनत की और स्वर्ण नहीं मिला। परिवार ने हमेशा खेलों का अभ्यास किया है।