बीसीसीआई ने आईपीएल 2026 के लिए साढ़े तीन घंटे का नियम जारी किया: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 19वें सीजन की शुरुआत से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इस गाइड ने 10 टीमों को सख्त चेतावनी भी भेजी है. बीसीसीआई ने अभ्यास सत्र और अभ्यास मैचों के लिए नए नियम बनाए हैं ताकि सभी टीमों को तैयारी के समान अवसर मिलें और मैच के लिए पिच की गुणवत्ता बनी रहे। इन नई गाइडलाइंस में खास बात ये है कि बीसीसीआई ने रोशनी में होने वाले प्रैक्टिस मैचों का समय भी तय कर दिया है. अगर कोई भी टीम इस नियम का पालन नहीं करती है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं, क्योंकि बीसीसीआई ने इन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
बीसीसीआई ने लगाया साढ़े तीन घंटे का नियम
आईपीएल 2026 के लिए साढ़े तीन घंटे के नियम के अनुसार, बीसीसीआई का उद्देश्य मैच में निष्पक्षता और पिच की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बीसीसीआई के इन नए नियमों के मुताबिक फ्रेंचाइजी अधिकतम दो प्रैक्टिस मैच ही खेल सकती हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें पहले बीसीसीआई से इजाजत लेनी होगी. हालांकि, ये मैच पिच पर नहीं खेले जाएंगे और अगर प्रैक्टिस मैच रोशनी में होगा तो पूरा मैच साढ़े तीन घंटे से ज्यादा नहीं चल पाएगा. इसके पीछे का कारण स्क्वायर पर अत्यधिक घिसाव से बचना है।
नेट और पिच के उपयोग के लिए बीसीसीआई के नए नियम
बीसीसीआई के इस नए नियम के मुताबिक, कोई भी टीम विरोधी टीम द्वारा इस्तेमाल किए गए नेट या फील्ड का इस्तेमाल नहीं कर सकती। प्रत्येक टीम के पास पूरी तरह से नए नेटवर्क और फ़ील्ड होंगे। इसके अतिरिक्त, यदि एक टीम पहले अभ्यास करती है, तो दूसरी टीम अपने नेट या रेंज विंडो का उपयोग नहीं कर पाएगी। इतना ही नहीं, किसी भी फ्रेंचाइजी के पहले घरेलू मैच से चार दिन पहले मुख्य चौराहे पर कोई अभ्यास सत्र या मैच नहीं होगा.
इन नियमों से किसे फायदा होगा?
बीसीसीआई ने ये नियम इसलिए लागू किए हैं ताकि कोई भी टीम पिच की स्थिति का फायदा न उठा सके और सभी को तैयारी के समान अवसर मिल सकें। अब इस मामले में बीसीसीआई ने सख्त कदम उठाया है. ऐसे में मेहमान टीम को बराबरी का मौका मिलेगा और मेजबान टीम को घरेलू परिस्थितियों का ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा.