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पिता ने कारगिल में बंदूक से और बेटे ने रांची में बल्ले से मां भारती की लाज बचाई।

ध्रुव ट्रेवली: भारत ने रांची टेस्ट जीता. इस टेस्ट के साथ ही इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई 5 मैचों की टेस्ट सीरीज भी टीम इंडिया के नाम हो गई. सीरीज के महज चार मैचों के बाद टीम इंडिया ने 3-1 की अजेय बढ़त बना ली है.

रांची टेस्ट में टीम इंडिया की जीत के हीरो रहे ध्रुव जुरेल. उन्होंने इस टेस्ट को 5 विकेट से जिताने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने इस मैच की दोनों पारियों में बल्ले से काफी अहम रन बनाए. इस टेस्ट में वह भारतीय टीम के लिए टॉप स्कोरर रहे.

पहली पारी में जब टीम इंडिया ने 177 रनों पर 7 विकेट खो दिए थे, तब ज्यूरेल ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर छोटी-छोटी और अहम साझेदारियां की और टीम इंडिया को 300 के पार पहुंचाया. ध्रुव ज्यूरेल की पारी की बदौलत ही भारतीय टीम ऐसा करने की स्थिति में थी. इंग्लैंड को चुनौती दो. भारत की पहली पारी में ज्यूरेल ने 149 गेंदों में 6 चौके और 4 छक्के लगाते हुए 90 रन बनाए. इसके बाद दूसरी पारी में जब भारतीय टीम महज 120 रन पर 5 विकेट गंवाकर डिफेंसिव थी तब ज्यूरेल ने शुबमन गिल के साथ मिलकर भारत को जीत दिलाई. ज्यूरेल ने दूसरी पारी में नाबाद 39 रन बनाए.

पिता कारगिल युद्ध लड़ चुके हैं.
रांची टेस्ट में भारत और इंग्लैंड के बीच ध्रुव जुरेल जीत और हार का अंतर बने रहे. उनकी पारी ने जीत और हार के बीच अंतर पैदा किया. कहा जा सकता है कि उनके बल्ले ने रांची में भारतीय टीम की इज्जत बचा ली. इस टेस्ट पर उनका इतना फोकस रहा कि भारत को जीत दिलाकर ही लौटे. वह अपने पिता की तरह कारगिल युद्ध में डटे रहे।

दरअसल, 25 साल पहले यानी 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध लड़ा गया था. इस युद्ध में ध्रुव जुरेल के पिता नेम सिंह ने भी भाग लिया था। वह भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं। वह फिलहाल सेवानिवृत्त हैं, लेकिन कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने खुद को भारत की सीमाओं की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया था।

भारत ने पिछड़ने के बावजूद टेस्ट जीत लिया
रांची टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी. इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 353 रन बनाए. टीम इंडिया ने 177 पर 7 विकेट खो दिए थे, लेकिन इसके बाद ध्रुव जुरेल की दमदार बल्लेबाजी के चलते भारत की पहली पारी 307 रन पर समाप्त हुई. इस तरह पहली पारी के आधार पर इंग्लैंड की टीम को 46 रनों की बढ़त मिल गई. यहां तीसरी पारी के दौरान पिच थोड़ी खराब दिख रही थी और इंग्लैंड की टीम सिर्फ 145 रन बनाकर आउट हो गई. इस तरह टीम इंडिया को 192 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उसने 5 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया.

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