भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया: वर्ल्ड टी20 सीरीज खत्म होने के बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज का आयोजन हुआ. यह सीरीज खत्म हुई और भारत ने इसे 4-1 से जीता. इस सीरीज का आखिरी मैच 3 दिसंबर को बेंगलुरु में खेला गया था, जिसमें कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन अंत में भारत ने हारा हुआ मैच जीत लिया और ऑस्ट्रेलिया को 6 रनों से हरा दिया. इस जीत के साथ टीम इंडिया ने न सिर्फ सीरीज पर कब्जा किया बल्कि एक नया हीरा भी खोज लिया, जो अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में जरूर बड़े काम आ सकता है.
रवि बिश्नोई ने प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता
दरअसल, टीम इंडिया के युवा गेंदबाज रवि बिश्नोई को प्लेयर ऑफ द सीरीज के खिताब से नवाजा गया. उन्होंने इस सीरीज के 5 मैचों में कुल 9 विकेट लिए और लगभग हर मैच में अपनी गेंदबाजी से प्रभाव छोड़ा, जिसके चलते टीम इंडिया जीत हासिल करने में कामयाब रही. टी20 के पांचवें और आखिरी मैच में भी कुछ ऐसा ही हुआ. ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज ट्रैविस हेड ने पहले ही ओवर में धमाकेदार चौका जड़ दिया.
भारतीय टीम द्वारा दिए गए 161 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को बेहद तेज शुरुआत दी और महज 17 गेंदों में 28 रन बनाए, लेकिन रवि बिश्नोई द्वारा फेंकी गई 18वीं गेंद उनके लिए घातक साबित हुई और वह बोल्ड हो गए. बिश्नोई के इस विकेट ने भारतीय टीम को मैच में वापस ला दिया और जीत की नई उम्मीद भी जगा दी. इस मैच में बिश्नोई ने 4 ओवर में 29 रन देकर 2 विकेट लिए।
बिश्नोई दक्षिण अफ्रीका की चुनौती के लिए तैयार
इस सीरीज में अपने बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत रवि बिश्नोई ने रविचंद्रन अश्विन के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. वह भारत के लिए एक टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा 9 विकेट लेने के मामले में अश्विन की बराबरी पर आ गए हैं. यह उनके लिए एक अद्भुत उपलब्धि है. प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने जाने के बाद बिश्नोई ने कहा, “मैंने पहले मैच में गेंदबाजी नहीं की थी। मैंने सिर्फ अपनी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया था। मेरी योजना सरल थी, केवल स्टंप से स्टंप तक गेंदबाजी करना।” दक्षिण अफ़्रीका सीरीज़ के बारे में उन्होंने कहा, “वहां अलग विकेट होगी, अलग चुनौती होगी. मैं जितनी जल्दी हो सके उन परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने की कोशिश करूंगा.”
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