भारतीय क्रिकेट में हाल ही में हुए बदलावों ने प्रशंसकों को हैरान कर दिया है। रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने और तुरंत शुभमन गिल को कप्तानी सौंपने से कई सवाल उठे. सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा में कई लोगों ने दावा किया कि ये सब गौतम गंभीर के आने के बाद हुआ. हालाँकि, अब इस पूरी कहानी की असली अंदरूनी कहानी सामने आ गई है।
गिल की कप्तानी की कहानी तो 2023 में ही लिखी जा चुकी थी.
बीसीसीआई के पूर्व चयनकर्ता सलिल अंकोला ने कहा कि भविष्य के कप्तान के तौर पर शुभमन गिल का चयन बहुत पहले ही हो चुका था. अंकोला के मुताबिक, 2023 में जब गिल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तहलका मचा दिया- लगातार शतक, दोहरे शतक और वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन, उसी साल सेलेक्शन कमेटी, टीम मैनेजमेंट और सीनियर खिलाड़ियों ने मिलकर तय किया कि रोहित शर्मा के बाद अगर कोई टीम की कमान संभालेगा तो वो गिल ही होंगे.
अंकोला ने साफ कहा, “हम हमेशा से जानते थे कि गिल एक दिन भारत का नेतृत्व करेंगे। वह 2023 में हमारी कप्तानी सूची में शामिल थे।” उनके मुताबिक गिल ने जिस तरह से बल्लेबाजी और मैदान दोनों में जिम्मेदारी दिखाई वह उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है.
गंभीर की एंट्री से पहले ही रोडमैप तय हो गया था
फैंस का मानना था कि गिल को कप्तानी देने में कोच गौतम गंभीर ने अहम भूमिका निभाई थी. अंकोला के हालिया खुलासे इस दावे को खारिज करते हैं। दरअसल, गिल को कप्तानी देने का फैसला गंभीर के कोच बनने से करीब दो साल पहले लिया गया था. इसलिए यह कहना गलत है कि गंभीर की वजह से ही गिल को मुख्य भूमिका मिली.
गिल ने मौका मिलते ही अपना दमखम दिखाया.
इंग्लैंड के खिलाफ जब शुबमन गिल पहली बार टेस्ट कप्तान बने तो उन्होंने दबाव से उबरते हुए शानदार प्रदर्शन किया.
5 मैचों में 756 रन
लगातार कई शताब्दियाँ
उन्होंने मुश्किल हालात में भारत को 2-2 से सीरीज से बचाया.
अंकोला ने कहा, “अगर कोई खिलाड़ी इंग्लैंड की ऐसी परिस्थितियों में 750 से अधिक रन बना सकता है, तो उसकी मानसिक ताकत पर कोई संदेह नहीं हो सकता है।”
अगर आप नहीं खेलेंगे तो टीम को भारी नुकसान होगा.
गिल चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज नहीं खेल पाए और भारतीय टीम को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। इससे गिल की अहमियत और भी उभरकर सामने आई।