विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल में सौराष्ट्र की जीत के बाद अगर किसी एक नाम ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं तो वह हैं विश्वराज जड़ेजा। पंजाब के खिलाफ खेले गए इस अहम मुकाबले में जडेजा ने ऐसी पारी खेली जिसने अकेले ही मैच का रुख बदल दिया. 292 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने नाबाद 165 रन बनाए और शानदार अंदाज में सौराष्ट्र को फाइनल में पहुंचाया.
विश्वराज जड़ेजा की असली क्लास सेमीफाइनल में दिखी
दाएं हाथ के ओपनर विश्वराज जड़ेजा ने शुरुआत से ही पंजाब के खिलाड़ियों पर दबाव बना दिया. उन्होंने कप्तान हार्विक देसाई के साथ पहले विकेट के लिए 172 रनों की जबरदस्त साझेदारी की. देसाई के आउट होने के बाद भी जडेजा का रुख नहीं बदला. उन्होंने प्रेरक मांकड़ के साथ मिलकर एक और सदी पुरानी सोसायटी बनाई और उत्पीड़न को पूरी तरह से एकतरफ़ा बना दिया.
165 रन बनाने में उन्हें 127 गेंदें लगीं. इस दौरान उनके बल्ले से 18 चौके और 3 शानदार छक्के निकले. खास बात यह रही कि उन्होंने पूरी पारी के दौरान काफी समझदारी से बल्लेबाजी की और खराब शॉट लेने से बचते रहे. उनका हिट रेट 129 से ऊपर था, जो अहम मैचों में उनकी आक्रामक सोच को दर्शाता है.
एक बार बचाया गया, फिर कभी हिरासत में नहीं लिया गया
पारी के दौरान 120 रन के स्कोर पर विश्वराज जड़ेजा को एक राहत जरूर मिली जब डीप में उनका कैच छूट गया. हालांकि इसके बाद उन्होंने कोई गलती नहीं की. उलटे इससे उनके खेल में और धार आ गई. पंजाब के खिलाड़ी लगातार लाइन लेंथ बदलते रहे लेकिन जडेजा हर गेंद पर जवाब देते दिखे.
पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म.
ये एंट्री किसी एक मैच की कहानी नहीं है. मौजूदा विजय हजारे ट्रॉफी में विश्वराज जड़ेजा ने 9 मैचों में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं. इस सीजन में उनके नाम तीन शतक हैं और उनका औसत 67 के करीब है. इससे पहले भी वह गुजरात, दिल्ली और सर्विसेज के खिलाफ अहम पारियां खेलकर भरोसेमंद बल्लेबाज साबित हुए हैं.
अब नजरें फाइनल पर
इस जीत के साथ सौराष्ट्र 2022-23 के बाद पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गया है। फाइनल में उनका मुकाबला 18 जनवरी को विदर्भ से होगा। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उम्मीद है कि विश्वराज जड़ेजा एक बार फिर टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरेंगे।