मुस्तफिजुर रहमान नेट वर्थ: बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह उनका खेल नहीं बल्कि उनका आईपीएल 2026 से बाहर होना और उससे जुड़ा विवाद है. आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्ताफिजुर को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा. हालांकि, कुछ दिनों के बाद स्थिति पूरी तरह से बदल गई. बांग्लादेश में हिंदू विरोधी हिंसा के बीच भारतीय सोशल मीडिया पर गुस्सा आईपीएल तक पहुंच गया और केकेआर पर जमकर हमला बोला गया. मामला बिगड़ता देख बीसीसीआई ने हस्तक्षेप किया और केकेआर को मुस्तफिजुर को रिलीज करने का आदेश दिया. इसके बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें टीम से रिलीज कर दिया.
मुस्तफिजुर के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है.
आईपीएल से बाहर होने के बावजूद मुस्तफिजुर रहमान की आर्थिक स्थिति मजबूत है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी कुल नेटवर्थ करीब 11 करोड़ रुपये बताई जाती है। आपके पास आय के कई स्रोत हैं. बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए मैच फीस, केंद्रीय अनुबंध, ब्रांड प्रायोजन और विभिन्न टी20 लीग से अच्छी खासी कमाई करता है। आईपीएल के अलावा वह दुनिया भर की कई मशहूर लीगों में खेल चुके हैं, इसलिए उनकी कमाई लगातार बढ़ती जा रही है।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में ठोस ट्रैक रिकॉर्ड
30 साल के मुस्तफिजुर रहमान बांग्लादेश के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में से एक हैं। उन्होंने बांग्लादेश के लिए अब तक 15 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उनके नाम 31 विकेट हैं. वनडे फॉर्मेट में उन्होंने 116 मैचों में 177 विकेट लिए, जबकि टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 126 मैचों में 158 विकेट लिए. डेथ ओवरों में उनकी कटर और धीमी गेंदें दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए चुनौती रही हैं।
आईपीएल में भी यह एक लंबा सफर रहा है.
मुस्तफिजुर के पास आईपीएल का काफी अनुभव है. उन्होंने आईपीएल में अब तक 60 मैच खेले हैं और 65 विकेट लिए हैं. इस दौरान वह सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमों का हिस्सा रहे हैं।
वर्ल्ड कप विवाद भी चर्चा में
मुस्ताफिजुर को आईपीएल से बैन किए जाने के बाद विवाद और गहरा गया. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 2026 टी20 विश्व कप के लिए भारत आने से इनकार कर दिया और सुरक्षा का हवाला देते हुए इसके मैचों को श्रीलंका में स्थानांतरित करने की मांग की। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आईसीसी ने फिलहाल इस मांग को मानने से इनकार कर दिया है.